आजकल की दुनिया में सब लोग बहरे हुए जा रहे हैं | जिसे भी देखो वह अपनी ही धुन में मस्त है | बहरे से तात्पर्य है "कान में लीड/हेडफ़ोन" लगे होने से है | कहीं आप रास्ते से गुजर रहे हों और आपका कोई मित्र या जानपहचान का दिखाई पड़ गया और वो आपसे थोड़ी दूर पर है , तो आप उसे पुकारने लगे - 'अरे भाई / हेलो/नाम से/किसी रिश्ते से' |
आपने देखा की अरे इसने तो सुना ही नहीं | फिर आप और जोर से पुकारने लगे पर फिर भी उसने नहीं सुना , तब आप चिल्ला के उसे पुकारने लगे, मगर पूरे बाज़ार और आस पड़ोस वालों ने सुन लिया और जिसे बुला रहे थे केवल उसी ने नहीं सुना | आया न गुस्सा ? कारण ये है कि जनाब ने कान में लीड लगा रखी है |
अब किसी को कभी कोई जरूरी बात बतानी हो और वो थोड़ी दूर पर ही दिख जाये तो आप अपना सन्देश उस तक पहुंचा भी नहीं सकते, कारण सिर्फ इतना कि भई - "कान में लीड लगाये हुए थे" | 24 सो घंटे अब जनाब को गाने सुन ने हैं , बाकी दुनिया गयी भाड़ में और आपको खुद शर्म आने लगे जब दुसरे लोग आप को घूर के देख रहे हो सिवाए उसके कि जिसको बुलाया गया |




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